कविता:-15(85) हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳 09-04-2020 वृहस्पतिवार 17:30 (मो- 6290640716 -: 🙏 कोरोना चालिसा। ! 🙏। (1) जय कोरोना जब तोहर वृहान में जन्म खून जागल , जय दो हजार बीस , उन्नीस के असर बीस में विश्व लोक के लागल ! चीन दूत कोरोना धामा , चाईना पुत्र कोविड-19 नामा ! सर्दी जुखाम क्रम-क्रम रंगी , समझ जाओ ये है कोरोना के संगी ! लक्षण मरण समाज में ऐसा, दिन रात न यह बढ़े हमेशा ! हाथ ब्रज , मिथिला, मथुरा भारत में थाली बाजे , करें ब्रहामण जनेऊ से प्रार्थना कहीं न ये कोरोना महामारी बीमारी विराजे ! :-15(85) अंक्ल जन माक्स लगाकर हुए चाची के बंधन, तेज प्रताप से कोरोना कर रहे हैं विश्व को खण्डन ! विद्यावान मुनि,कवि, विज्ञान अति बहादुर , करें न कोई राहुल,अरूण नेता ऐसी भूल ! चलें समाचार सुनने प्रधानमंत्री मोदी जी न्यूज पर अमेरिका रसिया, कोरोना तो हर कहीं हो चुके है बसिया ! (2) छप्पन इंच छाती बड़ा काज दिखावा , अमेरिका के धमकी से न, मानवता के कारण दिये दावा ! भीम रूप कलि, फूल सहारे , हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइ...
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