कविता:-15(93) हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳
कविता:-15(93) हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳 রোশন কুমার ঝা, 16-04-2020 वृहस्पतिवार 15:00 Roshan Kumar Jha (मो- 6290640716 ) -: 🙏 भारतीय रेल की 167 वां वर्षगांठ...!🙏. 16 अप्रैल 1853 की बात है , भारतीय रेल की आज 167 वां वर्षगांठ है , इसके जनक जार्ज स्टीफेन्सन और जेम्सवाट है, क्या कहूं मैं रोशन कोरोना के कारण भारतीय रेल आज न हमारी साथ है ! इसमें रेल का दोष नहीं , वह दुष्ट चीन देश हमारा पड़ोस नहीं ! उस पर दुनिया ख़ामोश नहीं , जिंदा है,जिन्दा रहेंगे.... हे चीन तुम्हारे जैसा हम भारतीय बेहोश नहीं ! अपना भारतीय रेल पहले मुंबई से थाणे चलीं , फिर हावड़ा से कमाने हुगली ! हम तो हम मुसीबत में है ज़माने खड़ी , हम तो पूजा पाठ ही कर सकते हैं मानव जाति को बचाने के लिए जानें हरि ! बचायें दुनिया को साथ में हम भारतीय बचूं और बचे भारत मां की हरियाली , हे ईश्वर खुदा मसीहा बंगाल से विनती कर रहा हूं मैं बिहारी ! हें प्रभु! बात सुन लो रेल मंत्री पीयूष गोयल की और हमारी, आज भारतीय रेल की 167 वां वर्षगांठ है आज की तरह कभी बंद हो न हमारे देश की रेलगाड़ी ! ® ✍️ रोशन कुमार झा ?...
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